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Our Achievements
डेरी विकास विभाग, उत्तराखण्ड की उपलब्धियाँ एक दृष्टि मेंः- (सहकारी वर्ष-2016-17, माह/दिनांकः मार्च, 2017 तक)।
  • 11 दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ गठित एवं कार्यरत।
  • 10 दुग्धशालाऐं, जिनकी दैनिक क्षमता 2.55 लाख लीटर प्रतिदिन।
  • 45 दुग्ध अवशीतन केन्द्र, जिनकी क्षमता 1.25 लाख लीटर प्रतिदिन।
  • 100 मै0 टन क्षमता की पशुआहार निर्माणशाला रूद्रपुर (उधमसिंहनगर) में स्थापित।
  • 140 दुग्ध मार्गों पर 4,011 दुग्ध सहकारी समितियां गठित एवं कुल 2,682 कार्यरत, जिसमें 1,55,117 सदस्यों तथा 51,066 पोरर दुग्ध उत्पादकों की भागीदारी।
  • माह मार्च, 2017 में औसत दैनिक दुग्धोपार्जन 2,20,058 कि0ग्रा0 एवं वर्तमान सहकारी वर्ष में मार्च, 2017 तक औसत दैनिक दुग्धोपार्जन 1,82,928 कि0ग्रा0।
  • माह मार्च, 2017 में औसत तरल दुग्ध बिक्री 1,55,244 ली0 एवं वर्तमान सहकारी वर्ष में माह मार्च, 2017 तक औसत दैनिक तरल दुग्ध बिक्री 1,50,752 लीटर।
  • माह मार्च, 2017 में कुल 1,112 मै0 टन एवं वर्तमान सहकारी वर्ष में माह मार्च, 2017 तक कुल 12,490 मै0 टन आँचल पशुआहार की बिक्री।
  •  गंगा गाय महिला डेरी योजना अन्तर्गत प्रथम वर्ष 2014-15 में 366 तथा द्वितीय वर्ष 2016-17 में 1099 पशुक्रय किया गया। तृतीय वर्ष 2016-17 में 1,040 पशु क्रय किया गया है। इस योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2015-16 में  52,000 ईकाई लागत प्रस्तावित है, जिसमें से  27,000 राजकीय अनुदान,  20,000 बैंक ऋण तथा  5,000 लाभार्थी अंश सम्मिलित है।
  • दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन योजना अन्तर्गत दुग्ध उत्पादकों को समितियों से जोडने एवं दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने हेतु प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों को 8.00 प्रतिशत एस0एन0एफ0 अथवा इससे अधिक की गुणवत्ता का दूध देने वाले समिति सदस्यों को  4.00 प्रति लीटर तथा 7.50 से 7.99 प्रतिशत एस0एन0एफ0 की गुणवत्ता का दूध देने वाले समिति सदस्यों को  3.00 प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि राजअनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है।
 

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